पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित
आर्टिकल 356 को हम आसान भाषा में राष्ट्रपति शासन के रूप में जानते हैं। इसके तहत किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता या संविधान के उल्लंघन की स्थिति में सरकार को भंग किया जा सकता हैं। जब किसी राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो राज्यपाल उस समय राष्ट्रपति शासन के लिए अनुशंसा कर सकता है।
भाजपा के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष रविवार को सिलीगुड़ी में चाय पर चर्चा कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल में 356 लागू करने की मांग की। दरअसल, जल्द ही पंचायत चुनाव की घोषणा होने वाली है। इसी के मद्देनजर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता जनसंपर्क अभियान कर रहे है।
आर्टिकल 356 को हम आसान भाषा में राष्ट्रपति शासन के रूप में जानते हैं। इसके तहत किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता या संविधान के उल्लंघन की स्थिति में सरकार को भंग किया जा सकता हैं। जब किसी राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो राज्यपाल उस समय राष्ट्रपति शासन के लिए अनुशंसा कर सकता है।
इसी के तहत आज सिलीगुड़ी नगर निगम के 23 नंबर वार्ड में दिलीप घोष चाय पर चर्चा कार्यक्रम में शामिल हुए। चाय पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान दिलीप घोष ने चाय की चुस्की के साथ लोगों से बातचीत भी किये। इस दौरान सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष, माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी के विधायक तथा जिलाध्यक्ष आनंदमय बर्मन, डाबग्राम-फूलबाड़ी की विधायक शिखा चटर्जी सहित स्थानीय नेतागण मौजूद थे।
वहीं, दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए दिनहाटा पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रामाणिक पर हुए हमले पर कहा कि तृणमूल कांग्रेस भाजपा को डर दिखाने की कोशिश कर रही है। ताकि भाजपा पंचायत चुनाव नहीं लड़े। भाजपा इससे डरने और रुकने वाली है। वहीं, उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है की बंगाल में केंद्रीय मंत्री पर लगातार हमले हो रहे है जिस वजह से बंगाल में 356 लागू होना चाहिए।